
दिल्ली , मलकानी मेंशन ।
करीब 1 घंटे बाद उसने ठंडी आह भरते हुए कहा , “ फाइनली मेरी पेंटिंग बन गई ! ” कहते हुए वह जैसे ही मुड़ी , उसकी नजर वेदांत पर पड़ी और एकदम से उसके मुंह से निकल गया , “ ऐसे क्या देख रहे हो ? ”


दिल्ली , मलकानी मेंशन ।
करीब 1 घंटे बाद उसने ठंडी आह भरते हुए कहा , “ फाइनली मेरी पेंटिंग बन गई ! ” कहते हुए वह जैसे ही मुड़ी , उसकी नजर वेदांत पर पड़ी और एकदम से उसके मुंह से निकल गया , “ ऐसे क्या देख रहे हो ? ”

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